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गुरुवार, जनवरी 21, 2010

ब्रेकिंग न्यूज़ -समीर लाल उड़नतश्तरी वाले करेंगे नेतागिरी

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ब्लॉग के शहंशाह ,हर दिल अज़ीज़ , हमारे आपके समीर लाल समीर उड़नतश्तरी वाले कनाडा प्रवासी कुछ नया सोच रहे है .विश्वस्त सूत्रों से पता चला है समीर जी राजनीति में जाने के लिए मन बना रहे है . उनके साथी डॉ. झटका से जब पूछा गया तो गोलमोल जबाब मिला . लेकिन हमें पक्की खबर है इस बात में सच्चाई है उनके एक टिप्पणी ने उनके इरादे की ओर इशारा किया है . यह टिप्पणी उन्होंने एक नेता जी के ब्लॉग पर की है .टिप्पणी इस प्रकार है  :

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Don!!

आज आप स्वतंत्र हैं. नये सिरे से शुरुवात करिये. हमें इन्तजार होगाएक नई सुबह हुई है. आप आगाज़ किजिये नये मूल्यों के साथ एक साफ सुथरी पार्टी का जिसमें मौकापरस्तों के लिए कोई जगह न होगी. प्रोफेशनलस को लिजिये. एक नये युग का शंखनाद करिये. टोरंटो से मैं पहला व्यक्ति होंगा जो आपकी पार्टी ज्वाईन करेगा अगर भारत की राजनित के सुधार के लिए उचित कदम उठाने की पहल हो. इस हेतु भारत लौटना भी मुझे मंजूर है.
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     इसका क्या अर्थ निकाला जाए  वैसे होगा बहुत बढ़िया-अपने जानकार भी होंगे सक्रिय राजनीति में तो भैय्या जोर से बोलो  

     नेता समीर लाल जिंदाबाद- जिंदाबाद जिंदाबाद 

वैसे भी विलायत से लौट कर आने वाले ही हमारा उद्धार करते है अरे मोहनदास को भूल गए क्या ? 
कौन मोहनदास अरे भाई मोहनदास करमचंद गाँधी .

मंगलवार, दिसंबर 22, 2009

मैं समीर लाल आपको डिस्टर्व तो नहीं किया सुबह सुबह

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sam lalआज सुबह टहल कर वापिस ही लौटे थे और अखवार पढने की कोशिश कर रहे थे तभी मोबाईल बज उठा . देखा तो अनजाने से लम्बे नम्बर से फोन था .  फ़ोन उठाने पर अनजानी सी  मधुर आवाज़ कानो में मिसरी घोलती सी महसूस हुई . उधर से आवाज़ आई मैं समीर लाल आपको डिस्टर्व तो नहीं किया सुबह सुबह . ऐसा लगा जैसे एक उड़नतश्तरी मेरी आँखों के सामने से तेज़ी से गुज़र गयी . 

एक छण विश्वास ही नहीं हुआ . लेकिन पूर्ण चेतन अवस्था में होने के कारण मै समझ गया यह हकीकत है . बातचीत का सिलसिला चल ही पड़ा . कितना अद्बुत समय था वह . परदेश से अपने का फोन एक नई अनुभूति थी मेरे लिए . क्योकि हम ग्रामीण पृष्टभूमि के है और परदेश से ज्यादा संपर्क नहीं है . 

और अब तो ऐसा है कि सात समुन्द्र पार भी अपने परिवार के लोग है . कितना सुखद है कि ब्लॉग के माध्यम से हुआ परिचय रिश्तो में बदल रहा है . और ज्यादतर रिश्ते थोपे जाते है बताये जाते है की यह तुम्हारे यह है यह है . और ब्लॉग में रिश्ते अपने आप बन जाते है कभी भी ना बिछड़ने के लिए . क्योकि इन रिश्तो में लालच नहीं होता है . और लालच रिश्तो में दरार लाता है .