खिच खिच चक चक बक बक........................ खामोश . बहुत हुआ सबको अपनी अपनी पड़ी है दूसरो के लिए सोचने का समय ही नहीं है . उनके लिए भी नहीं जो रात दिन हमारे बारे में सोचते रहते है . सब अपनी अपनी गाडी धकेल रहे है मतलबी कहीं के .
अरे मेरे गुस्से की वजह नहीं जानना चाहेंगे जायज है मेरा गुस्सा , मेरा गुस्सा है सब पर.......... क्यों ? अब बता ही देता हूँ मै आक्रोशित हूँ सब पर क्योकि हम राहुल बाबा .......... राहुल गाँधी के बारे में सोचते ही नहीं वह गाँव गाँव जा कर घर घर घूम रहे है अब जवान सभ्रांत लड़का अपने मुहं से तो नहीं कहेगा मेरी शादी करा दो . हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है राहुल बाबा की शादी कराने की . माता जी तो देश चलाने में व्यस्त है मनमोहन जी तो कार्य वाहक से ही है . ऐसे में बेटे की चिंता नहीं कर पा रही है .
और हम अहसानफरामोश लोग भी भुलाए हुए है अपने मुस्तकबिल को . अगर राहुल बाबा ने शादी नहीं की तो देश को ३० साल बाद कौन चलाएगा आखिर रेहान बडेरा से ही उम्मीद ही बचेगी . इसलिए आज सौगंध खाए की देश हित में राहुल बाबा की शादी देश की पहले प्राथमिकता होनी चाहिए . कांग्रेसियों के चक्कर में रहे तो हो गई शादी ........
तो आप सब से विनती है गोरी या काली हो या नखरेवाली हो कैसा भी चक्कर चला दे राहुल बाबा की शादी करा दे . देश की प्राथमिकता २०१० मिशन २०१० सिर्फ और सिर्फ राहुल बाबा की शादी ...............और कुछ नहीं