कश्मीर की समस्या कश्मीरियों की नहीं है कश्मीर की समस्या हिन्दुस्तानियों की है . और उसका फैसला सब हिन्दुस्तानियों को ही मिल बैठ कर करना चाहिए . अलगाववादियों से सिर्फ गोली ही बात करे तो देश के लिए हितकर होगा . समय समय पर अपने सैनिको और अर्धसैनिको का मनोबल तोडा जाता है . मानवाधिकार के नाम पर देश के रक्षको पर अत्याचार होता है . शांतिकाल{?} में ही हजारो सैनिक शहीद हो गए . जितने सैनिक इस में शहीद हुए है शायद ही किसी युद्ध में हुए हो .
हुर्रियत के चलाने वाले आतंकवादी आज कहते है हम १४ अगस्त को आज़ादी का दिन मनाएंगे और १५ अगस्त को शर्म दिवस . और हमारी सरकारे चुप है . राष्ट्र द्रोह को मूक समर्थन देने वाले भी राष्ट्र द्रोही ही है . अगर कश्मीर को भारत में ही जोड़े रखना है तो इसी १५ अगस्त तक इन देशद्रोहियों को जहनूम में भिजवा देना चाहिए . .