शुक्रवार, अक्तूबर 31, 2008

अहसान फरामोशो क्या सरदार पटेल को भी भूल गए ?


हमें याद नहीं रहा कि आज भारत के लौह पुरुष का जन्मदिन था । उन सरदार पटेल का जिन्होंने खंडित भारत को एकसूत्र में बंधा ,उन तथाकथित शासक जो पाकिस्तान में विलय चाहते थे उनको साम ,भय से भारत में मिलाया । पाकिस्तान से आ रहे लोगो की रक्षा की । भारत को राजा रजवाडो से भी सरदार पटेल ने ही मुक्त कराया ।


बल्लभ भाई पटेल ने किसानो की लिए बारदोली में सफल आन्दोलन किया तभी महत्मा गाँधी ने उनेह सरदार कह कर पुकारा और वह सरदार पटेल के नाम से प्रसिद्ध हुए ।


आज भी भारत को सरदार की आवश्यकता है । सरदार की बात अगर नेहरु मान जाते तो कश्मीर में कोई समस्या नहीं होती ।


सिर्फ आज कुछ लोग पटेल की मूर्ति पर माला पहना कर उनेह याद कर लेते है ,यदि सरदार की नीतियाँ अपना कर आतंक से लड़ा जाए जैसे उन्होंने रजवाडो को खत्म किया वैसे ही हम आतंक को खत्म कर सकते है । यही सच्ची श्र्ध्न्जली होगी सरदार पटेल को ।


और आज हम उन्ही सरदार को भूल रहे है कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं कोई विज्ञापन नहीं

सिर्फ नजरिया [ब्लॉग] में ही सरदार का जिक्र है । अहसान फरामोश नहीं तो क्या कहें अपने को ।

9 टिप्‍पणियां:

  1. हम तो सिर्फ नेहरू खानदान के चमचे हैं.

    नेहरु, इंदिरा,संजय, राजीव, सोनिया, राहुल, प्रियंका के अलावा क्या कोई और भी नेता है?
    हां हमारे युवराज जब शादी कर लेंगे तो उनकी पत्नी और बच्चे इस देश की आशाकेन्द्र बन जायेंगे.

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  2. देश का दुर्भाग्य ही था कि सरदार इतनी जल्दी स्वर्गवासी हो गये, वरना देश की तस्वीर आज कुछ और ही होती, रही बात याद करने की, सोनिया जी को याद करिये, एके साधे सब सधै, सब साधे सब जायें

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  3. बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है सरदार पटेल को भुलाना

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  4. हम तो सिर्फ नेहरू खानदान के चमचे हैं.
    भाई अनामी आप ने तो बिलकुल सही बात कही है, इसी खानदान ने हमारे भारत का सब से ज्यादा सत्यनाश किया है , यह कश्मीर का झगडा इस चाचू का ही तो पंगा है, अगर सरदार पटेल जी जिन्दा होते तो आज भारत का रुप ही अलग होता, अजाद मिलते ही भारत मै अंग्रेजॊ के चमचो का राज हो गया जिन्होने आजादी हासिल की बेचारे मार दिये गये या शहीद हो गये...
    जेसे सावन के अंधे को हरा ही हरा दिखता है वेसे ही हमै चारो ओर यह नेहरु का बेढंगा खानदान ही दिखता है....

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  5. आपकी इस पोस्ट की प्रतिलिपी आपके नाम से ही याहू समूह "हिन्दीभारत" ( http://in.groups.yahoo.com/group/HINDI-BHARAT/ )
    के सभी सदस्यों के पठनार्थ दे रही हूँ।
    बहुत अच्छा लगा आपका पटेलजी पर यों लिखना। बधाई।

    यदि आप सामाजिक,साहित्यिक व सांस्कृतिक विषयों पर हिन्दी में लिखने पढ़ने में रुचि रखते हैं तो आप का भी इस याहू समूह में स्वागत है, अपने याहू आईडी द्वारा इस से जुड़ सकते हैं। अच्छा लगेगा।

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  6. हमें तो यह पता है कि आज ऐश्वर्यारॉय बच्चन का और कल शाहरूख का जन्मदिन है, अमिताभ का पता है; पर सरदार पटेल का भले हमें क्यों कर याद रहे?
    ......सचमुच हम सब अहसान फरामोश हैं।

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  7. सीधी सी बात है उनकी औलादे अगर किसी राजनातिक पार्टी में होती ओर ताकतवर होती तो हम भी मनाते .....वैसे भी हिन्दुस्तानी कॉम ही अहसानफरामोशी की है.

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  8. anonymous,सागर नाहर, एवं डा. अनुराग ने टिपण्णी करने लायक सब कह दिया | सरदार का जन्म दिन याद दिलाने के लिए धन्यवाद |

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आप बताये क्या मैने ठीक लिखा