शुक्रवार, अक्तूबर 17, 2008

फूलमती -इज्ज़त की खातिर दबंग का सिर काट दिया

भारत की नारी है- राख नहीं चिंगारी है

मायावती के उ .प्र की फूलमती जिसने व्यभिचारी को ऐसी सजा दी कि मजबूत दिल वाले भी हिल गए ।
जिला खीरी के ईसानगर कि फूलमती को उसका दबंग पडोसी अन्नू जुलाहा तीन महीने से उससे छेडछाड़ कर रहा था । दबंग का हौसला इतना बड़ा कि हद पार कर गया , खेत पर काम कर रही फूलमती को अन्नू ने पकड़ लिया औए जबरदस्ती करने लगा ।
अपनी इज्ज़त बचाने को वह चंडी बन गई और गड़ासे से उसका लिंग काट दिया और उसे उसके मुँह में रख कर उसका सिर काट दिया । उसके बाद एक हाथ में कटा सिर और दुसरे हाथ में गडासा लिए अकेली थाने की ओरपैदल चली ।
जिसने यह देखा उसकी रूह काप उठी । ओर उसने कहा "इसलिए खुलेआम सिर लेकर थाने जा रही थी ताकि कोई व्यक्ति किसी औरत से बदतमीजी करने की हिम्मत न कर सके । "

क्या विचार है आप सबका इस बारे में ,कानून अपने हाथ में लेकर फूलमती ने सही किया ?

क्या अब भी नारी को कमज़ोर माना जाए ?

तथाकथित नारी संघटनों का क्या कहना है ?

अमर उजाला से सम्भार

4 टिप्‍पणियां:

  1. काम तो फ़ूलमती ने एकदम सही किया है, यदि ये काम (ठीक यही काम) कानून करता तो ज्यादा मजा आता… :) :)

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  2. न्याय व्यवस्था जे जब विश्वास उठ जाता है तो यही होता है .

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  3. जब कानुन जनता की रखवाली नही करेगा तो , एक नही कितनी ही फ़ुलवत्ती पेदा होगी, शावस फ़ुलवती बिलकुल सही किया.
    धन्यवाद

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  4. कानून आत्मरक्षा का अधिकार देता है, और फूलमती ने उस अधिकार का प्रयोग किया है. उसे मेरा सलाम.

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आप बताये क्या मैने ठीक लिखा