सोमवार, सितंबर 20, 2010

मां से बिछडे हुये हो गये १९ साल

माँ 
आज मुझे अपनी माँ से बिछड़े १९ साल हो गए . एक बहुत लंबा अरसा .... मैं उस समय २० साल और १४ दिन का ही था . मेरी बहिन की शादी हो चुकी थी . पिता जी उस समय सांसद थे . एक छोटे  से आपरेशन मे हुई लापरवाही ने  मेरी माँ को मुझ से दूर कर दिया . मेरी माँ मेरे पूरे परिवार की धुरी थी . 






बहुत चाहते हुए भी मैं कुछ नहीं लिख पा रहा हूँ . सच में आज सब कुछ है हमारे पास सिर्फ माँ को छोड़ कर . आज का दिन मेरे लिए सबसे मनहूस दिन है . 

ईश्वर से प्रार्थना है किसी से उसकी माँ ना छीने .

माँ 
तुम प्रेरणा हो 
तुम शक्ति हो 

17 टिप्‍पणियां:

  1. माँ की याद भी प्रेरणामयी होती है, आपको शक्ति मिले।

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  2. ईश्वर ने मां को बनाया ही इतना ममतामयी है कि कोई भी यह दुख नहीं झेलना चाहता पर होनी तो होकर रहती है...उनकी प्रेरणा ही शक्ति है

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  3. माँ को भूलना संभव ही नहीं है मेरे भाई धीरू माँ तो हमेशा साथ रहती है

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  4. मां का स्थान कोई नहीं ले सकता...
    श्रद्धान्जलि....

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  5. किया क्‍या जा सकता है। सृष्टि का नियम ही है, किसी न किसी को तो छिना जाना ही है, बेटा से मां या मां से बेटा।

    मां को श्रद्धांजलि।

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  6. सच माँ सा दूसरा कोई नहीं...इस दुःख में हम आपके साथ हैं...

    नीरज

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  7. मां से बढ़कर कोई नहीं होता, मां हमें हर परिस्थिति में संभाल लेती है ।

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  8. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  9. मां का महत्‍व वही समझ पाते हैं जिनकी मां साथ नहीं होती .. आज के दिन मां की याद आना स्‍वाभाविक है !!

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  10. माँ का आशीर्वाद हमेशा रहता है .... प्रेरणा का स्त्रोत है वो .... शक्ति है ... हमारी भावभीनी श्रधांजलि .....

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  11. वे स्वर्ग से भी आपकी सुख शांति की कामना कर रही होंगी। माँ का स्थान कभी भर सकता है भला

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  12. माँ को भूलना संभव नहीं. मां का स्थान कोई नहीं ले सकता.मां को मेरी श्रद्धांजलि।

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  13. उनका वरद हस्त हमेशा आप पर है, हमारी तरफ़ से भी माताजी को श्रद्धांजलि।

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आप बताये क्या मैने ठीक लिखा