मंगलवार, सितंबर 21, 2010

हम तो डूबे है सनम ................ बा्ढ लाईव

बाढ़ भीषण हो गई . बाढ़ में डूबा मेरा फ़ार्म . जहाँ आज तक कभी बाढ़ का पानी नहीं पहुचा इस बार पहुच गया है . गाँव के बुजुर्ग कहते है इतनी बाढ़ तो कभी नहीं आई . इससे पहले एक बार सन १९७१ में भी ऐसी बाढ़ आई थी तब भी इतना पानी तब भी नहीं था . 



मेरा डूबा हुआ लॉन 



पुल से जो पेड़ दिख रहे है वह मेरे है और पेड़ से पहले ८ फीट की ऊँची दीवार है जो पानी में डूबी हुई है 


डूबे हुए खेत

18 टिप्‍पणियां:

  1. फोटो देखकर लगता है की काफी बाढ़ आई है ... इस भीषण बाढ़ से जल्द छुटकारा मिले ... बस ईश्वर से यही कामना करता हूँ ...

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  2. हमें तो देखकर ही भय लग रहा है!
    --
    बाढ़ से बुरा हाल तो हमारा भी है!

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  3. ये कौन सी नदी है धीरु भाई?
    बहुत पानी आ गया है बाढ का।
    फ़ार्म हाउस नदी किनारे ही है लगता है।

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  4. जलवायु परिवर्तन इस बार पूरे भारत में स्पष्ट नजर आ रहा है।

    खंड वर्षा हो रही है। फ़िर घाम बहुत ते्ज पड़ रहा है।

    पर्यावरण के संतुलन के लिए सावधानी बरतना आवश्यक हो गया है।

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  5. यह बहुत छोटी सी नदी है जुंआ नाम है यह रामगंगा की छाड है बहुत कम पानी रहता है . लेकिन रामगंगा की बाढ के बेक प्रेशर ने इसे विकराल बना दिया है . इस समय यह और रामगंगा एक ही है .

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  6. धीरू भाई, मेरी ननिहाल मुरादाबाद की है ..........आज खबरों में देखा वहाँ भी काफी बुरे हालात है ....... यही रामगंगा वहाँ भी है..... इस बार तो पता नहीं क्या होने वाला है !
    वैसे ललित भाई का कहना भी सही है ! जलवायु परिवर्तन भी इस का मुख्य कारण दिखता है साथ साथ बांधो से भी काफी पानी छोड़ा गया है !

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  7. ओह यह तो दहशत बढ़ने वाली है -ध्यान रखें ...चौकस रहें !

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  8. बाढ के हालात गम्‍भीर हैं लेकिन आप पोस्‍ट क्‍या छत पर बैठकर लिख रहे हो?

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  9. kya baandh banana hee ek solution hai, prakrati se cherchar hoga to aisa hee hoga, chand logo kee bedimaaag planning aap jaise lakho logo ko nuksaan pahucha rahi hain.

    Jaldi sab theek ho jaye,

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  10. बहुत नुकसान हुआ होगा।

    हमारे यहां धान की रोपनी के समय सूखा पड़ा था। किसी तरह रोपनी हुई तो लगातार बारिश होने लगी। बाढ़ तो नहीं कहेंगे, लेकिन खेतों इतना अधिक पानी जरूर बहने लगा कि बहुत जगहों पर धान के रोप उखड़ गए।

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  11. बड़ा बुरा हाल है भाई..जल्द नार्मल हो, यही प्रार्थना.

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  12. जिन्हे शर्म से पानी पानी होना चाहिए, वें लोग तो सूखे घूम रहे हैं और यहाँ सब तरफ पानी पानी हुए जा रहा है....ऊपर वाले के भी अजीब खेल हैं :)

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  13. बहुत दर्दनाक मंज़र है भाई ।

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आप बताये क्या मैने ठीक लिखा