बुधवार, फ़रवरी 10, 2010

ऊठ को पहाड़ के नीचे आने दीजिये -बाबा रामदेव करेंगे नेतागिरी




बाबा राम देव की जय . स्वामी राम देव नाम दाम बटोरने के बाद अब राजनीति को साफ़ करेंगे . और सफाई को घुसकर ही  किया जाता है ऐसा ही मानना होगा शायद बाबा का .



योग गुरु बाबा ने योग के प्रति जो जागरूकता पैदा की उसमे किसी को संदेह ना है और होना चाहिए . बाबा ने योग को सरल किया और आम जनता में लोकप्रिय किया . पहले जब योग सिखाने जाते तो योगाचार्य कहते  थे पदमासन में बैठो . आज के लोग कुर्सी पर तो बैठने में असहज थे तो आसन में कैसे बैठते .इसलिए योग से हमेशा के लिए दूर जो जाते . लेकिन रामदेव ने सारी बंदिशे हटा दी और किसी भी स्थति में प्रणायाम करने को कहा तभी योग लोकप्रिय हो गया और बाबा भी .

नाम के साथ बाबा पर जब दाम आने लगा और सम्पत्ति बनने लगी . तब बाबा को देश सेवा की सूझने लगी . बाबा ने एक आन्दोलन को खड़ा किया और अपनी सोई हुई राजनेतिक महत्वकांक्षा को जगा दिया . आज भारत के कोने कोने में बाबा को लोग जानते ही है और उसी का फायदा बाबा उठाना चाहते है . बाबा बड़ी बड़ी बात करके राजनीति के दलदल में फिसलने लगे है . बाबा को अब सिर्फ और सिर्फ सत्ता के घोड़े पर सवार होने की इच्छा है .

ऐसा नहीं बाबा पहले व्यक्ति है जो यह कर रहे है आज से पहले बाबा जयगुरु देव ने भी दूरदर्शी पार्टी बनायीं थी और जोरशोर से चुनाव लड़ा था लेकिन बाबा को कोई सफलता नहीं मिली . मुझे याद है सन ८५ में बाबा की पार्टी को पूरे भारत में पहली पांच छह पार्टियों में नंबर था वोटो के मामले में . उसी राह पर रामदेव भी चल रहे है .

२०१४ का चुनाव लड़ने को तैयार बाबा रामदेव इतने विवादित हो जायेंगे कि उनेह जान बचानी मुश्किल पड़ जायेगी . बाबा को भूलना नहीं चाहिए आचार्य रजनीश जो अमेरिका को हिला देने की हैसियत में आ गए  थे उनका क्या हश्र हुआ था . अभी तो बाबा बाबा है कल से नेता बनेंगे तब इनकम टेक्स और ना जाने कितने आरोप और जांचे शुरू हो जायेंगी तब बाबा को पता चलेगा आते दाल का भाव . अभी ऊठ को पहाड़ के नीचे आने दीजिये .

14 टिप्‍पणियां:

  1. बिरला, टाटा और अम्बानी ने जो पैसा कमाया, उसके बारे में आप क्या कहेंगे? वाई-एस-आर के अरबों रुपयों के साम्राज्य के बारे में आप के क्या विचार हैं? कम से कम अभी तक बाबा ने दारू-मुर्गा बेचकर या डकैती डालकर तो रुपये नहीं कमाये या फिर लोगों को दुराचरण की तरफ तो नहीं धकेला. न ही रामदेव जी ने जबरदस्ती किसी के हाथ में कोई दवा पकड़ा दी कि इसे तो खरीदना ही पड़ेगा.
    रही बात उनके राजनीति में आने की, तो कम से कम चोर-उठाईगीरों और ठगों तथा आयाराम-गयाराम से तो कई मायनों में बेहतर हैं ही. एक चीज जो सबसे महत्वपूर्ण उन्होंने उठाई है वह है यूनीलीवर जैसी एम-एन-सी के द्वारा भारतीय रुपयों को बाहर ले जाना. यदि वह अपने उत्पादों के जरिये ऐसा कर रहे हैं तो क्या गलत कर रहे हैं. राजनीति इसीलिये प्रदूषित हो गयी कि मवाली माननीय हो गये. आज यहां कल वहां. सजायाफ्ता तक सम्माननीय बन गये. आप ही बतायें कि राजनीति में किसे भाग लेना चाहिये बाबा रामदेव जी की जगह.

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  2. अभी तो बाबा बाबा है कल से नेता बनेंगे तब इनकम टेक्स और ना जाने कितने आरोप और जांचे शुरू हो जायेंगी तब बाबा को पता चलेगा आते दाल का भाव . अभी ऊठ को पहाड़ के नीचे आने दीजिये


    सही है धीरू भाई.. पता नहीं क्यों बाबा की नियत साफ नहीं लगाती मुझे..

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  3. दरबार का टेम्पलेट जमा नहीं.. :(

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  4. वैसे देखा जाए तो बाबा बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और यह उन्हें हमेशा जारी रखना चाहिए...लेकिन राजनिति करना उन के लिए बहुत कठिन साबित होगा....आप की बात काफि हद तक सही है...यदि बाबा स्वयं राजनिति मे ना आकर अच्छे लोगो को प्रेरित करे तो ज्यादा अच्छा होगा।

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  5. स्वागत है शायद यहाँ भी बाबा जी कुछ चमत्कार कर दें.....

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  6. धीरू भाई,
    इंदिरा गांधी के योगगुरु धीरेंद्र ब्रह्मचारी को तो नहीं भूले होंगे आप....

    जय हिंद...

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  7. behtar hota yadi baba ji duniyadari se door hi rehtey.kisi ki adalat main nahi jatey,kisi reality show main shamil nahi hotey,baba yadi baba hi rehtey to theek tha, mr.ramdev bankr apni chabi dhumil kar rahe hain.baki main parmjit bali ji ke bicharon ko dohrana chahunga........

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  8. अभी तो बाबा समझकर लोग इज्जत कर रहे है फिर राजनेता के तौर पर लेंगे | राजनीती में बाबागिरी तो चलनी नहीं |

    वैसे अभी बाबा की नियत पर शंका नहीं होनी चाहिए | वैसे महत्वाकांक्षा सभी में होती है इसलिए बाबा रामदेव में भी है तो हर्ज क्या ! इतने घाघ राजनेताओं को देश झेल रहा है तो बाबा भी यहाँ की राजनीती में समायोजित हो ही जायेंगे |

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  9. बाबा जी को किंग मेकर बनना चाहिए सोनिया की तरह न की खुद राजनीति में आएँ ..... शायद योग उन्होने राजनीति में आने की सीडी बनाई हो पर उनका ये फैंसला उनको नुकसान ही पहुँचाएगा ..... भगवान ही रक्षा करे उनकी ......
    आपको महा-शिवरात्रि की बहुत बहुत बधाई .....

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  10. अभी तक तो बाबा रामदेव बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, अब यदि राजनीति में आना चाह रहे हैं तो अपनी पहली गरिमा को बनाये रखना एक अदद चुनौती होगी। यदि आपका कयास ठीक है तो आपकी आशंका भी जायज हैं। सुखद की कामना कर सकते हैं।

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  11. bhartiy nagrik ji se sahmat hun .

    gar acche log koshish hi nahi karenge to kya hoga bure logo ka ekchhatra raaj

    shubh ki kaamna or intjar hai unke aane ka

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आप बताये क्या मैने ठीक लिखा