मंगलवार, जनवरी 19, 2010

सच या मज़ाक -अमर सिंह का इस्तीफ़ा स्वीकार मुलायम सिंह पहुचे सडक पर

कमाल है कमाल है क्रिया की प्रतिक्रिया इतनी तेज़ हो सकती है इसी बात का तो कमाल है . आज दो खबरे अखबार  में छापी गई दोनों को साथ जोड़ कर पढ़े तो उसका जो अर्थ निकला वही कमाल है . 


खबर नम्बर १ - अमर सिंह का इस्तीफ़ा स्वीकार           






 खबर नम्बर २ -मुलायम सिंह पहुचे  सड़क पर 




           

वैसे दोनों खबरे लग तो सही रही है . लेकिन जब आपस में जुड़ गयी तब भी सही लग रही है . बिना हनुमान के राम का क्या होगा . ख़ैर जो होगा तो होगा अभी तो महंगाई के बोझ से दबे हम लोग इस खबर पर मुस्करा तो सकते है . 
फोटो गूगल सर्च से 


                                                                                                                                                                                                                       













10 टिप्‍पणियां:

  1. बिल्कुल मुस्कुरा सकते हैं .......... अब आगे देखिए किस करवट बैठती है मुलायम और अमर की चोसर ........

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  2. जी बिलकुल मुस्कराना ही है ।

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  3. इस मंहगाई में मुस्कान भी कितनी कीमती हो गई है...
    बहुत मुश्किल से मिली है.....तो मुस्काइये न :):) !!

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आप बताये क्या मैने ठीक लिखा