सोमवार, अक्तूबर 12, 2009

"जो आदमी सम्पूर्ण सल्तनत को आग लगाने की क्षमता रखता था , आज अग्नि ने उसे ग्रास बना लिया "

"जो आदमी सम्पूर्ण सल्तनत को आग लगाने की क्षमता रखता था , आज अग्नि ने उसे ग्रास बना लिया "  यह कहा था नीलम संजीव रेड्डी ने राम मनोहर लोहिया के दाह संस्कार के समय . आज ही के दिन १९६७ को समाजवादी चिंतक लोहिया जी का निधन हुआ था .

राम मनोहर लोहिया जिन्होंने इंग्लेंड की पढाई इसलिए छोड़ दी उनेह उस देश की शिक्षा रास नहीं जिसने उनके देश को गुलाम बना रखा था . बाद में बर्लिन से अपनी पढाई पूरी की . अध्ययन  के दौरान जेनेवा में हुए लीग ऑफ़ नेशंस की कान्स्फ्रेंस में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे बीकानेर के महाराज जो अंग्रेजो ए गुणगान कर रहे थे सीटी बजकर उनका प्रतिरोध किया . यह अहिंसक प्रतिरोध लोहिया को मशहूर कर गया .

१९३६ में कांग्रेस के मंत्री की हैसियत से विदेश मंत्री का दायित्व बखूबी निर्व्हान किया . भारत की भावी विदेश निति पर लिखी पुस्तक आजाद भारत के स्वतंत्र गुट निरपेक्ष नीति की बुनियाद मानी जा सकती है .

समाजवादी नेता लोहिया ने संसद में गरीबो की वकालत की . इसके लिए उनका संसद में दिया भाषण में कहा देश के ३० करोड़ लोग रोजाना तीन आने रोज़ पर गुज़ारा करते है प्रधानमन्त्री के कुत्ते पर आठ रुपए रोज़ खर्च होते है .

ऐसे राम मनोहर लोहिया को भी हम भुला बैठे . और उनके समाजवाद का झंडा उठाने वाले आज के लोग  समाजवाद की परिभाषा भी नहीं जानते .

{यह लेख आज अखवार में श्री मोहन सिंह द्वारा लिखा पढ़ कर लिखा }

5 टिप्‍पणियां:

  1. सब प्राणी पेट पर ही जीते है जो पेट से उपर उठ कर जीना सुरु करने के बाद मनव कहलते है तब समजवाद की बात आती है पसुओ से क्या समजवाद की परिभाषा की उम्मीद रखते हो भाइ

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  2. बहुत सुंदर लेख, हमारे पिता जी हमे बचपन मै यह सब बताया करते थे.
    धन्यवाद

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  3. लोहिया ,जयप्रकाश ऐसे लोगो को भुलाने का तो षड़यंत्र चल रहा है ।

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  4. SAARTHAK LIKHA HAI ...... BAHOOT HI MAHATVPOORN BAAT LIKHI HAI ... YE EK SUNIYOJIT SHANDYANTR CHAL RAHA HAI ........

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  5. लोहिया जी अपनी मृत्यु गये, पर उनके वाद को उनके चेलों ने मारा!

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आप बताये क्या मैने ठीक लिखा