रविवार, नवंबर 22, 2009

गे और लेस्बियन का इलाज़ योग द्वारा करेंगे बाबा राम देव

बाबा राम देव की जय हो आज तो बाबा ने कमाल कर दिया . बाबा ने आज इण्डिया टी. वी . पर आपकी अदालत में अपनी बात सुश्री सम्भावना सेठ और सुश्री कश्मीरा शाह से कही . बात का स्तर इतना गिर गया की चैनल बदलना पड़ा . बाबा भी लाजबाब हो गए दोनों हूरों से बात कर . सेक्स ,सम्लेंगिकता ,कंडोम जैसे विषयो पर बाबा का आत्म विश्वास और उनके चेहरे पर आये भाव और मुस्कान एक अलग ही कहानी ब्यान कर रहे थे .

हमेशा चर्चा में रहने को आतुर यह तीनो एक दूसरे पर वार करते रहे . सम्भावना सेठ के कई प्रश्नों पर बाबा खिस्याई हसी में टाल गए . एक सवाल बाबा आप तो योगी हो सेक्स के बारे में कैसे जानते हो ? बाबा सिर्फ हें हें हें . और फिर सम्भावना ने कहा एक गाना लगा दीजिये मैं नाचूंगी अगर बाबा भी खुश होकर ताली ना बजाये तो मेरा नाम नहीं . बाबा हें हें हें .

और सबसे ज्यादा जोर समलैंगिकता पर हुआ . बाबा ने दावा किया वह योग द्वारा समलैंगिकता की आदत को दूर कर सकते है . बेचारा योग उसे यह भी दिन देखने को मिला . बाबा के अपने दावे और रक्कासाओं के अपने . आगे और देखने की इच्छा नहीं हुई चैनल बदल दिया . वैसे एक नया अनुभव प्राप्त हुआ कि चर्चित रहने के लिए योगी और भोगी एक ही रस्ते चलते है .

14 टिप्‍पणियां:

  1. योग और सम्भोग में अंतर है बाबा :)

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  2. तो क्या हुआ .. हर ज्ञान के लिये अनुभव थोड़े ही ज़रूरी है ।

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  3. यह तो बाबा रामदेव है जो कम से कम योग से कुछ ठीक करने की बात कर रहें है वरना बाबा लोग तो सब कुछ आशीर्वाद से ही ठीक करने का दावा कर अपनी दुकानदारी चला रहे है |
    ये बाबा लोग है कुछ भी कह सकते है |

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  4. बाबा रामदेव की वे बेटियाँ थी ।

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  5. जी हां कह तो बाबा बेटी ही रहे थे . मार्डनता की पराकाष्टा थी

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  6. बाबा भी कभी सस्ती लोकप्रियता के चक्कर में पता नहीं क्या क्या कर जाते है..

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  7. अब रामदेव या कोई और निमंत्रण पाने पर टाक शो की कुर्सी पर आ ही विराजें, और कार्यक्रम के बीच में बातें असुविधाजनक हो जाएँ तो क्या कार्यक्रम बीच में छोड़ देना उचित होगा? ऐसी स्थिति में आपको सामना करना और वाक्पटुता से जवाब देना ही पड़ता है, चाहे जैसा भी प्रश्न आए. रामदेव ने जिस तरह से हाजिरजवाबी के साथ कुतर्कों और बडबोलेपन का जवाब दिया वह देखने लायक था.

    यह बात कहने में क्या बुराई है की अश्लील नृत्य और अभिनय करने वाले, कम कपडे पहनने वाले मॉडल, या सेक्स सिम्बलस का युवाओं के लिए रोल मॉडल बन जाना समाज की मानसिकता ख़राब कर रहा है, अच्छा होगा की जाने माने वैज्ञानिक, लेखक, वंदना शिवा बहुगुणा और हजारे जैसे समाज सेवक और हमारे समाज के रोल मॉडल बनें, तो आखिर इसमें बुराई क्या है? आज आप अपने बच्चों से या खुद से ही पांच जीवित वैज्ञानिकों और फिल्म स्टारों के नाम पूछें तो कितनी आसानी से नाम बता पाएंगे? हमारे देश के अधिकतर युवा भारत के सभी प्रदेशों के नाम तक नहीं जानते पर अक्षय, करीना, सलमान या ऐश के नए पुराने अफेयर्स और गोसिप्स के बारे में उनसे एकदम अप-टू-डेट जानकारी मिलेगी.

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  8. चर्चा बनी रहे-चाहे जो जुगत करना पड़े.

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  9. काश बाबा के योग में गरीबी और भुखमरी का नाश करने की क्षमता भी होती तो किसानों को रोजाना आत्महत्या तो नहीं करनी पड़ती

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  10. आप किसे अच्छा कहेंगे, हमारे बच्चे घूम घूम कर योग करे या घूम घूम कर सेक्स ??? "सदाचार पर आस्था रखो कंडोम पर नहीं" कहने वाला बुरा किसे लग रहा है बताये ज़रा !!!

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  11. बाबा ने दावा किया वह योग द्वारा समलैंगिकता की आदत को दूर कर सकते है!
    शायद ये उनका नि‍जी अनुभव रहा हो।

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  12. मेरा मानना है सामाजिक जीवन में रहने वालों को ऐसे वादास्पद बातों से दूर ही रहना चाहिए ..........

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आप बताये क्या मैने ठीक लिखा