बुधवार, जुलाई 22, 2009

एक था कृष्णा ... लोग उसे पागल कहते थे

लगभग ६० साल पहले हल्द्वानी में एक आदमी था नाम उसका कृष्णा । कृष्णा को लोग पागल कहते थे उसकी हरकते भी थी पागलो जैसी । मांग कर खाना छीन कर खाना । लोगो को परेशान करना । लेकिन कृष्णा की एक विशेषता थी वह सबसे मांगता नही था और जिससे मांगता था और उसे मिल गया तो उस आदमी की तरक्की शुरू हो जाती थी । कृष्णा ने अगर किसी को गाली दी या झापड़ मार दिया तो क्या कहने ।

मेरे बाबा जो वैध थे और देशभक्त भी . एक क्रन्तिकारी की जमानत लेने के कारण अंग्रेजो ने जिला बदर कर दिया और उनेह बदायूं जिला छोड़ कर हल्द्वानी जाना पड़ा । नई जगह एक दूकान खोली मरीज़ नदारद । दिन भर खाली बैठना पड़ता था । खाली बैठने के कारण आँख लग गई अचानक उसी समय कृष्णा आया और उसने सामने रखा रजिस्टर उठा कर बाबा के सर पर जोर से मारा और कहा सोता है उठ जाग । विश्वास मानिए उस दिन ऐसे काम चला की ५ ,५ कमपावडर भी दवा नही दे पाते थे इतने मरीज़ आते थे ।

कृष्णा एक किद्वान्दिती था । नैनीताल रोड पर एक कार ने उसे टक्कर मार दी और वह मर गया । सारा शहर ईकट्ठा हुआ तभी विवाद हुआ की वह हिंदू है या मुसलमान । दोनों पक्ष उसे अपना बता रहे थे ।

हिंदू दलील मानी गई की उसका नाम हिंदू था । उसकी शवयात्रा मिकाली गई । सैकडो लोग शामिल थे . गोला नदी के किनारे चिता सजाई गई तभी अचानक पानी बरसने लगा बरसाती नदी उफान पर आगई और एक धारा कृष्णा को मय चिता के बहा ले गई ।

कहते है संतो का जल प्रवाह ही होता है । और प्रकृति ने अपने काम कर दिया ।

9 टिप्‍पणियां:

  1. एक को उनके मानने वाले ''श्री कृष्ण अहमद अलैहि सलाम" लिखते हें हम भी उन्हें यही कहते हें ' यकीन न हो तो देखें
    www.alislam.org/hindi/
    books:
    Kalki Avtar
    Shri Krishan Ji Aur Kalki Avatar

    hamari books in this topic here:
    antimawtar.blogspot.com

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  2. वाह!! जरुर सच्चे दिल का रहा होगा.. नमन...

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  3. रंजन जी की टिप्पणी में शामिल हूँ !

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  4. हमारे देश इसीलिये तो प्रसिद्ध रहा है.

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  5. आज तो बहूत ही भावोक पोस्ट लिख दी आपने............. अक्सर कुछ ऐसी बातें ऊपर वाले की होने का विश्वास दिलाती हैं..........

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  6. are waah pahali dafaa sun rahaa hun ... unko naman meraaa... santo aur fakiron ki koi jaat ya dharm nahi hoti ...


    arsh

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आप बताये क्या मैने ठीक लिखा