Sunday, July 19, 2009

भैय्ये का दिमाग बड़ा आला है . कितनी दूर की सोची

शेर सिंह के बारे में थोड़ा तो पता चल ही गया होगा । हमारे शेर सिंह कितने मक्कारी की हद तक जा सकते उसकी एक कहानी । शेर सिंह एक जमींदार परिवार से थे ही और छोटी छोटी पंचायते करते रहते थे पञ्च परमेश्वर बन कर । ऐसे ही एक पंचायत की बानगी

दो मुसलमान परिवार आपस में लड़ गए । पंचायत के लिए शेर सिंह को बुलाया गया । शेर सिंह ने दोनों पक्षों को सुना । दोनों पक्ष अपने को सही साबित करने के लिए दलीले पेश कर रहे थे कसमे खा रहे थे । फैसले की घड़ी आ गई । सब लोग फैसले का इंतज़ार करने लगे । शेर सिंह ने कहा । सब लोग सुनो दोनों गलत थे । इसलिए दोनों लोग ५०० ,५०० रूपय जुरमाना देंगे ।

चारो ओर खामोशी छा गई , एक ने डर के पूछा जुर्माने का क्या होगा । शेर सिंह यह सुनते ही भड़क गए और चीख कर कहा सालो तुम यह समझते हो यह रुपया शेर सिंह खा जाएगा । नालयको इस रुपए से गावं की मस्जिद के लिए कालीन आएगी । जनता खुश लोग कहने लगे - भय्ये का दिमाग कितना आला है कितनी दूर की सोची

समय बीतता रहा कालीन का कहीं अता पता नही था लोग ईक्ट्ठे हुए शेर सिंह के पास गए । कालीन के बारे में पूछा तो शेर सिंह ने कहा शेर सिंह के गाँव में क्या बरेली से कालीन आएगी , कश्मीर से मंगाई है इंतज़ार करो । और आज कई दशक बीत गए कालीन आज तक नही आई । और वह १००० रुपए शेर सिंह के हो गए । उस समय १००० रुपए की कीमत आज से बहुत ज्यादा थी १५० रु तोला था सोना उस समय

10 टिप्पणियाँ:

Anil Pusadkar ने कहा…

शेर सिंह को तो पाक भेज देना चाहिये।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

वाकई, भैय्ये का दिमाग बड़ा आला है.

Ratan Singh Shekhawat ने कहा…

आज भी गांवों में ऐसे कई शेर सिंह मिल जायेंगे जो चंदे की राशी हजम करने की फिराग में हर वक्त रहते है |

रंजन ने कहा…

क्या बात है.. शेर सिंह जी चले गये.. पर उनके रिश्तेदार आज भी बहुत घूम रहे हैं..

दिगम्बर नासवा ने कहा…

क्या बात है शेर सिंह जी की............. जे हो....... isko कहते हैं दादागिरी

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

आज भी बहुत सारे हैं.

Jayant chaddha ने कहा…

शेर सिंह में भले ही लाख बुराइयाँ हों... दिमाग की तो दाद देनी ही पड़ेगी....
www.nayikalam.blogspot.com

Udan Tashtari ने कहा…

कालांतर में यही शेर सिंग देश के प्रधान मंत्री होंगे. :)

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

आज के जमाने में ऎसे पता नहीं कितने शेर सिँग हर गली,मोहल्ले में घूमते दिखलाई दे जाएंगे।

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey ने कहा…

शेर सिंह की अध्यक्षता मेम देश की पंचायत का भविष्य उज्ज्वल है!

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