शुक्रवार, जून 05, 2009

पच्चीस साल हो गए ओपरेशन ब्लू स्टार को - आइये आसूं बहाए

ठीक पच्चीस साल पहले एक आग को बुझाने के लिए दवानल फैला दिया गया और वह दवानल हजारो निर्दोषों और दोषियों को निगल गया । उसमे एक थी श्रीमती इंदिरा गाँधी भी ।

हाँ मैं बात कर रहा हूँ ओपरेशन ब्लू स्टार की । जो एक बहुत बड़ी राजनितिक भूल साबित हुआ था । सेना को पवित्र स्वर्ण मन्दिर में मय टैंको के घुसा दिया गया एक भिंडरावाले को मारने के लिए जिसे ताकत राजनीतिज्ञों ने दी अपने विरोधियों को नीचा दिखने के लिए ।

भिंडरावाले को संत कहा जाने लगा तमाम नेता ,धार्मिक गुरु ,पत्रकार उसके दरवार में हाजिरी लगाने लगे । खालिस्तान की मांग चरम पर पहुच गई । शांत पंजाब आतंक की आग में धधकने लगा । हजारो निर्दोष मारे गए । जख्म आज भी नही भरे है पच्चीस साल बाद भी

एक चौथाई शताब्दी बीत गई लेकिन सबक आज भी नही लिया दुनिया ने , आज भी लादेन जैसे पैदा कर दिए जाते है फ़िर ओपरेशन चलाये जाते है और कौमों को कठघरे में खड़ा कर दिया जाता है ।

आइये पच्चीस साल बाद उन बेबकूफियों पर आसूं बहाए जो पच्चीस साल की गई । जिसकी आग में इंदिरा गाँधी ,जनरल वैद्द्य जैसे कई लोग जिनकी देश को जरूरत थी भी जल कर ख़ाक हो गए ।

नीला तारा की विवेचना होनी चाहिए सरकारी श्वेत पत्र के आलावा

7 टिप्‍पणियां:

  1. SACHHI BAAT KAHI HAI AAPNE... MAGAR KUCHH LOG AAJ BHI ISKE LIYE GHADIYAALI AANSU HI BAHAA KE NIKAL JAYENGE.....


    http://www.sahityashilpi.com/2009/06/blog-post_1136.html


    ARSH

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  2. कोई भी सरकार अपनी बेफकूफियों पर चितंन करना नही चाहती। आज भी इस उपज को पैदा किया जा रहा है।ऐसे लोगों को यदि राजनेताओ की शय ना मिले तो यह कभी फल -फूल नही सकते।
    ऐसे लोग अपनी लगाई आग में खुद जल मरते हैं।लेकिन सीख कभी नही लेते।

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  3. राजनैतिक इच्छा शक्ति, निस्वार्थ देशप्रेम, धर्माडंबर से ऊपर उठना - क्या इनमें से कुछ भी हुआ आजतक?
    धीरू भाई, कुछ भी नहीं बदला है - तब आक्रोश पहले पंजाब केसरी और निरंकारियों के खिलाफ था और फिर इंदिरा गांधी, जनरल वैद्य और सुपरकॉप गिल के खिलाफ. आज वही आक्रोश डेरे और उनके भगतों के खिलाफ है. पंथ की दुहाई देने वालों में से कितनों को पंथ की परभाषा पता है या देशप्रेम का मतलब भी? जो स्थिति तब थी उसमें भिन्दरान्वालान जैसों ने ब्लू स्टार के अलावा कोई और विकल्प छोडा ही नहीं था.

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  5. भिंडरावाला भी इंदिरा जी की ही उत्पत्ति थी जो उनके लिए ही श्राप बन गयी...........दरअसल शक्ति का संग्रह करने वाले नहीं जानते की ये शक्ति एक दिन उनको भस्म कर देगी............ जो भी हुवा वो गलत था........ किसी भी हालत में नहीं होना चाहिए

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  6. सच तो यह है की इंदिरा ने भास्मासुर पैदा किया और खुद जल गयीं.
    जनरल वैद तो सच्चे देशभक्त और फौजी थे.. जो कहा गया वो किया...
    और देश को एक और विभाजन से बचाया.

    इंदिरा खुद जली तो apani hi lagaayee aag men.

    Jay HO!!!

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  7. अपनी ही फ़ैलाई हुई गँद का सफ़ाया करने की कवायद के रूप में मैं इसे याद करता हूँ ।
    एक गैगलीडर अपने लिये खतरा बनते देख अपने ही पोसे बच्चे को ख़लास कर देता है ।

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आप बताये क्या मैने ठीक लिखा