सोमवार, अगस्त 09, 2010

कश्मीर की समस्या कश्मीरियों की नहीं है कश्मीर की समस्या हिन्दुस्तानियों की है .

 हड़बड़ी में आज़ादी लेने के चक्कर में आधा कश्मीर, आधा पंजाब ,आधा बंगाल और पूरा सिंध हमने खो दिया .भारत की आजादी के समय एक अधूरा  कश्मीर हमें मिला या कहें मेजर सोमनाथ शर्मा जैसे परमवीरो की शाहदत के कारण इतना बच सका . कश्मीर के असली कश्मीरियों को मार मार के भगा दिया और हम उन जहरीले सापों को दूध पिला पिला कर आज तक पाल रहे है जिन्होंने यह कुकृत्य किया . चंद खानदान घुमा  फिरा कर कश्मीर को चला रहे है . और अलगाववादियों को हवा दे रहे है .  हमारी आज तक की सरकारे सिर्फ और सिर्फ बाते ही कर रही है . 

कश्मीर की समस्या कश्मीरियों  की नहीं है कश्मीर की समस्या हिन्दुस्तानियों की है . और उसका फैसला सब हिन्दुस्तानियों को ही मिल बैठ कर करना चाहिए . अलगाववादियों से सिर्फ गोली ही बात करे तो देश के लिए हितकर होगा . समय समय पर अपने सैनिको और अर्धसैनिको का मनोबल तोडा जाता है . मानवाधिकार के नाम पर देश के रक्षको पर अत्याचार होता है . शांतिकाल{?} में ही हजारो सैनिक शहीद हो गए . जितने सैनिक इस में शहीद हुए है शायद ही किसी युद्ध में हुए हो .

हुर्रियत के चलाने वाले आतंकवादी आज कहते है हम १४ अगस्त को आज़ादी का दिन मनाएंगे और १५ अगस्त को शर्म दिवस . और हमारी सरकारे चुप है . राष्ट्र द्रोह को मूक समर्थन देने वाले भी राष्ट्र द्रोही ही है . अगर कश्मीर को भारत में ही जोड़े रखना है तो इसी १५ अगस्त तक इन देशद्रोहियों को जहनूम में भिजवा देना चाहिए .  .








12 टिप्‍पणियां:

  1. जेल में बंद कर देना चाहिए...

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  2. रंजन भाई जेल तो इनकी सुसराल है . बिना जहनूम भेजे काम नही चलेगा .

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  3. तमाम, अधिकारवादियों को बाहर कर सेना को अन्दर करें और आँख बन्द कर लें. आधी दिल्ली जितनी आबादी ने नाक में दम कर रखा है.

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  4. हम अपने सहने की परीक्षा ले रहे हैं।

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  5. एक बेहद उम्दा पोस्ट के लिए आपको बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएं !
    आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है यहां भी आएं !

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  6. सरकार बात कर रही है, यह थोड़ी मेहरबानी है क्या सरकार की? कितना रिस्क उठा रही है जी सरकार, छवि खराब होने का, वोट बैंक बिगड़ने का।

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  7. सहमत हूँ, मानवता के इन हत्यारों से बातचीत का कोई अर्थ ही नहीं है।

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  8. jail mein bhejna chahiye... balki usse bhi badkar koi jagah ho narak jaise wahan bhej do..

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  9. आज से पहले इतनी कमजोर सरकार नही देखी है .... या इस सरकार का ये अजेंडा है देशके टुकड़े करवाना ....

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आप बताये क्या मैने ठीक लिखा