गुरुवार, अगस्त 05, 2010

खुदा के वास्ते पर्दा ना काबे से उठा जालिम - कहीं ऐसा ना हो यहाँ भी वही काफिर सनम निकले

राम भगवान् राम का बर्थ सार्टिफिकेट चाहिए उन्हें . बहुत चेलेंज हो रहे है मजाके हो रही है . और हम लोग चुप है . हम बर्दाश्त की हद तक खामोश है . क्योकि हम सेकुलर है .................... सेकुलर माने ..............???????????

रोज़ रोज़ हमले सहते सहते मुझे अपने बजूद पर भी शक होने लगा है . मेरी मसे क्यों नहीं भिज रही ,मेरी रीड़ की हड्डी में झनझनाट क्यों नहीं हो रही , क्योकि शायद मैं सेकुलर हूँ ............ सेकुलर माने ..............???????????

देने को तो हर बात का जबाब दे सकता हूँ . पर अंधे के आगे रोय अपनी आँखे ख़ोय ..............

इसलिए आग से मत खेलो पत्थर मत उछालो क्योकि जब पत्थर इधर से फिका तो मुश्किल होगी .

अमन की बात करो चैन की बात करो ,दीन दुनिया की बात करो  . तरक्की की बात करो . अच्छे मुस्तकबिल की बात करो .

चचा ग़ालिब भी कह गए है

खुदा के वास्ते पर्दा  ना  काबे  से  उठा  जालिम 
कहीं ऐसा ना हो यहाँ भी वही काफिर सनम निकले 
.
.
.
.

16 टिप्‍पणियां:

  1. अमन की बात करो चैन की बात करो ,दीन दुनिया की बात करो. तरक्की की बात करो. अच्छे मुस्तकबिल की बात करो
    कुछ कानों पर जूं नहीं रेंगती, धीरू भाई!

    उत्तर देंहटाएं
  2. अमन की बात करो चैन की बात करो ,दीन दुनिया की बात करो. तरक्की की बात करो. अच्छे मुस्तकबिल की बात करो .
    Kitana sahee kaha hai aapne aur miyan Galib ne bhee par samaz ke bhee nasamaz bane rehane wale ko kya koi samzaye ?

    उत्तर देंहटाएं
  3. खुदा के वास्ते पर्दा ना काबे से उठा जालिम
    कहीं ऐसा ना हो यहाँ भी वही काफिर सनम निकले


    vaahvaah

    उत्तर देंहटाएं
  4. खुदा के वास्ते पर्दा ना काबे से उठा जालिम
    कहीं ऐसा ना हो यहाँ भी वही काफिर सनम निकले


    VAAAAAAH!

    उत्तर देंहटाएं
  5. जय श्री राम.
    धीरू भाई ! आगे बढ़ो हम तुम्हारे साथ हैं.
    होगा वही जो श्रीराम चाहेंगे.

    उत्तर देंहटाएं
  6. जिन्हें समझना है, वे पहले से ही समझ चुके हैं।
    लोग ये नहीं समझते हैं कि किसी दूसरे के जज़्बातों से खेलना अच्छा जरूर लगता है, लेकिन जब खुद पर बीतती है तो कैसा लगता है?

    हम तो यही कहते हैं जी कि ऊपरवाला किसी को भी आजमाईश का मौका न दे।

    उत्तर देंहटाएं
  7. कुछ लोग सहिष्णुता को भी कायरता समझने की भूल करने लगे हैं....

    उत्तर देंहटाएं
  8. आपकी पीड़ा समझता हूँ | सहिष्णुता की एक सीमा होती है जब हद से बढ़ जाय तो इसे हमारा कायरपन ही कहा जाना चाहिए |

    जो लोग भगवान् राम का बर्थ सर्टिफिकेट की मांग करते हैं, पहले वे अपने पैगम्बर मुहम्मद का बर्थ सर्टिफिकेट दिखाए ?

    उत्तर देंहटाएं
  9. क्या कहें ऐसे लोगों को.... ऐसे ही लोग ... आपसी प्यार और भाईचारा ख़त्म कर रहे हैं... जो लोग भगवान् राम का सर्टिफिकेट मांग रहे हैं... क्या उन्हें अपना बर्थ सर्टिफिकेट मालूम है? भाई.... राकेश सिंह के कमेन्ट को मेरा भी कमेन्ट माना जाए...

    उत्तर देंहटाएं
  10. सेकुलर नहीं स्यूडो सेकुलर कहिये.

    उत्तर देंहटाएं
  11. आपकी पीड़ा जान जान की पीड़ा है ... ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि हम कायर हो गये हैं ... सत्ता ने खून लगा दिया है होठों पर सब के ....

    उत्तर देंहटाएं

आप बताये क्या मैने ठीक लिखा