बुधवार, मार्च 30, 2011

रुकावट के लिए खेद है

कभी कभी लगता है जिसने आपको लायक बनाया उसी का साथ पीछे छूट जाता है . मेरे साथ भी एसा हो रहा है . ज्यादा काम के कारण मै ब्लॉग से दूर हो रहा हूँ . अगर ज्यादा दूर हुआ तो कही एक दिन गुमनाम ना हो जाऊ इस ब्लॉग की दुनिया से ,इसी डर के कारण रात मै एक बार नींद उजड़ गई .तो जल्दी से चंद लाईने लिखने बैठ गया हूँ .

एक लाइन जो बचपन  से टीवी पर देखी थी ..... रुकावट के लिए खेद है . .........वह लिखने का मन कर रहा है ब्लॉग पर .......इसलिए  जल्द ही हाज़िर होते है ब्रेक के बाद . इंतज़ार कीजिये आज से अपना टाइम टेबिल सुधारा है 

12 टिप्‍पणियां:

  1. कोई बात नहीं हम प्रतीक्षा कर लेंगे | पहले कार्य जरुरी है |

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  2. हफ़्ते दो हफ़्ते में हाजरी लगाते रहिए।

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  3. ब्‍लागिंग के सिवाय दुनिया में दूसरे भी गम हैं। पहले कार्य फिर ब्‍लागिंग।

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  4. जानकर अच्‍छा लगा कि आप जल्‍द ही हाजिर होनेवाले हैं। शुभकामनाएं।

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  5. पहले काम, फिर खेल... यही तो बचपन से सीखा है... तो चलिए खेल के मैदान में बहुत दिन बाद देख कर अच्छा लगा :)

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  6. ऐसे कैसे गुमनाम हो जायेंगे भाई?
    बेफ़िक्र होकर काम(बोले तो कैरियर\जॉब:) में रमिये, इधर की चिंता नक्को:)

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  7. आपकी प्रतीक्षा हमेशा रहेगी धीरू जी .. पहले आपने काम पुर होने चाहिएं ...

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  8. hamesha rukawat aati hi hai par usko paar karna hi chunauti hai ....
    mama maine bhi blogging shuru kardi hai
    mere blog ka naam hai 'share your tongue'

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आप बताये क्या मैने ठीक लिखा