मंगलवार, फ़रवरी 08, 2011

बसंत पंचमी पर ३०० वी पोस्ट दरबार की

आज बसंत  पंचमी पर जब मैंने यू ही अपनी लिखी पोस्टो को गिना तो पाया २९९ हो गई . लगभग तीन साल हो गए इस ब्लॉग के आसमां में उड़ते हुए .अनजाने में ही वहा पहुच गया था एक दो दिन देखा तो लगा अपने दिमाग में उठते और मडराते विचारों की सेफ लैंडिग के लिए यह प्लेटफार्म ही सबसे उम्दा है . एक ब्लॉग बनाया नाम रखा दरबार , और ठेलने लगे अपने विचार . लोग आये पढ़ा और टिप्पणी मिली . कुछ भी कह ले नए ब्लॉगर के लिए ओक्सिजन का काम करती है टिप्पणीयाँ .

खैर यह ३०० वी पोस्ट लिखना मेरे लिए तो बहुत बड़ी उपलब्धि है . मैंने कोई काम इतना निरंतरता से नही किया यहाँ तक की राजनीति भी .आज से १२ साल पहले एक सत्ता धारी पार्टी का युवा मोर्चा का जिला अध्यक्ष रहा . सत्ता  को अपने हिसाब से चलाया . लेकिन मज़ा नही आया सब छोड़छाड़ बैठ गए घर जबकि राजनैतिक परिवार से हूँ .अब भी एक पार्टी का प्रदेश पदाधिकारी हूँ मंच पर शोभा बढाता हूँ लेकिन ...................... . इसी तरह पारिवारिक चलता हुआ व्यापार जब मेरे हाथ में आया तो वह असमय गति को प्राप्त हो गया . लेकिन ईश्वर का वरदहस्त मेरे साथ हमेशा रहा है .मेरे बारे में यह कहावत सच ही है खुदा मेहरबान तो गधा पहलवान .

यह सब तो हादसे है लेकिन ब्लॉग लिखना मेरे लिए एक वरदान साबित हुआ .कैसे ....................... ब्लॉग ने मुझे सिखाया निरंतरता के क्या फायदे है . और आज मैं नियमित पाठक हूँ और लेखक भी .लेकिन अभी भी बहुत खामिया है मुझ में , हो सकता है इस जन्म में ही वह दूर हो जाए . ब्लॉग  लेखन ने मुझे एक इंडडिपेंडेंट पहचान दी . आज दुनिया के कई कोने में लोग मुझे मेरे कारण से  जानते है . अपने परिवार से हटकर भी मेरी एक पहचान है . या कहें मैंने अपने परिवार में एक नया परिवार और जोड़ दिया .

ब्लॉग के कारण ही मैं फिर से अपना व्यापार शुरू कर रहा हूँ . उसी कारण मैं थोड़ा व्यस्त हूँ . समय आभाव है . लेकिन जल्द ही सब स्मूथ हो जाएगा . 

आप का आशीर्वाद ऐसे ही मिलता रहे तो एक दिन आपको फक्र होगा कि वह धीरू है जिसे हम जानते है . 

13 टिप्‍पणियां:

  1. बिल्कुल आपके साथ हैं. बधाई..

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  2. 300वीं पोस्ट के लिए बहुत-बहुत बधाई!
    बसन्तपञ्चमी की शुभकामनाएँ!

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  3. धीरू भाई,
    बधाई स्वीकार करें। लोग जहाँ पहचान बनाकर भी ब्लॉगिंग के हजार नुकसान गिनवाते हैं, आप इसका अहसान मान रहे हैं। यही दिखाता है कि आप मौकापरस्त नहीं हैं।
    शुभकामनायें स्वीकार करें और सार्थक सक्रियता बनाये रखें, हम जैसे और बहुत से भी प्रेरित होंगे।
    बसंत पंचमी की शुभकामनाएं।

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  4. धीरू भाई ... ३०० वी पोस्ट और बसंत पंचमी की डबल बधाइयाँ और शुभकामनाएं !

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  5. बधाइयाँ और शुभकामनाएं....

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  6. हमें तो आज भी फख्र है। शुभकामनायें!

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  7. आपके दरबार में साहित्य को और सच्चाई को सदा ही न्याय मिलता रहा है।

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  8. तीन सौवीं पोस्ट की बहुत बहुत बधाई ...व्यापार में सफलता के लिए दिल से शुभकामना देते हैं...यकीनन एक दिन हमें अपने धीरू भाई पर गर्व होगा...(वैसे अभी भी है...)

    नीरज

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  9. बहुत बधाई जी। यह निरंतरता बनी रहे - शुभकामनायें!

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  10. 300वीं पोस्ट के लिए बहुत-बहुत बधाई!
    देर से आने के लिए खेद .....

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आप बताये क्या मैने ठीक लिखा