शुक्रवार, अगस्त 14, 2009

आज़ादी आज़ादी आज़ादी

आज़ादी आज़ादी आज़ादी सिर्फ़ आज़ादी के लिए लाखो लोगो ने अपना सर्वस्य न्योछावर किया तब जाकर मिली यह आज़ादी । इन ६२ सालो में आज़ादी की हवा में साँस लेने के अलावा कुछ भी हासिल नही हुआ । आज़ादी का जश्न बचपन में स्कूल में मिठाई औए बड़े होने पर एक छुट्टी ही मायने रही ।

१८५७ की क्रान्ति के बाद नब्बे साल तक रोज़ एक क्रांति हुई तब जाकर हम आजाद हुए । लेकिन वह जज्बा हम आगे बरकरार नही रख पाये पता नही क्यों ? १५ अगस्त ४७ के बाद दिन ब दिन हम स्वार्थी होते चले गए और इतने आजाद हो गए अपने और अपनों के अलावा हमें कुछ सूझा नही । अपनी तरक्की के आगे देश तो सिर्फ़ मिटटी ही रह गया ।

१५ अगस्त सिर्फ़ प्रधानमन्त्री का लाल किला से भाषण , आजादी के पुराने गाने ,छुट्टी और कुछ सालो से बड़ी दुकानों पर सेल ही पहचान बन कर रह गया है । स्वतंत्रता दिवस के क्या मायने रह गए है समझ नही आता । अगर आपको पता है तो जरुर बताये ।

स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओ सहित ।

8 टिप्‍पणियां:

  1. कृष्ण जन्माष्टमी स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामना और ढेरो बधाई .

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  2. आपको भी स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामनाएं !

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  3. कृष्ण जन्माष्ट्मी व स्‍वतंत्रता दिवस की बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं !!

    जय हिन्द!!

    भारत मॉ की जय हो!!

    आई लव ईण्डियॉ


    आभार

    मुम्बई-टाईगर
    द फोटू गैलेरी
    महाप्रेम
    माई ब्लोग
    SELECTION & COLLECTION

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  4. आपको भी स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामनाएं

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  5. आपका kahna सच है .. aazaadi के bad से ही ............. आज के नेता वो आदर्श ही नहीं रख रखे सबके सामने...... आज aazaadi के maayne एक छुट्टी से पढ़ कर कुछ भी नहीं .............

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  6. आज़ादी का मतलब है नेताओं के लिए सुरक्षाकवच:)

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आप बताये क्या मैने ठीक लिखा